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भोपाल नगर निगम में क्यों गूंज रहे इंदौरी किस्से?

चच्चा की बातें Apr 29, 2017       5652
भोपाल नगर निगम में क्यों गूंज रहे इंदौरी किस्से?

लो कर लो बात

यह सुनकर बड़ा अजीब लगता है कि भोपाल की नगर निगम में इंदौरी किस्से गूंज रहे है। लेकिन य​ह किसी प्रोजेक्ट की कॉपी नहीं है बल्कि कुछ और है।

हुआ यूं ​कि पिछले हफ्ते मैं भोपाल की चौपाल में गया हुआ था, तो वहीं एक कोने में मंद मंद मुस्काते हुए चच्चा ​दिख गए। मैने बड़े ही लिहाज से उनसे सलाम किया तो वह मुझसे कहने लगे कि 'मियां फर्जी भतीजे' भोपाल नगर निगम में आजकल इंदौरी किस्सों की धूम है, तुमने सुना है कि नहीं?

कुछ चौंकते हुए मैने चच्चा से पूछा कि इंदौरी किस्से, यह क्या माजरा है। 

इस पर चच्चा ने मुझको समझाते हुए कहा कि—

'मियां फर्जी भतीजे, भोपाल नगर निगम के काम के तरीके में कई गफल​त हैं, ऐसा मैं नहीं कह रहा बल्कि एक एक वरिष्ठ अधिकारी कह र​हा है।' 

मैने चच्चा से पूछा कि इसमें ऐसा अजीब क्या है जो आप मुस्कुरा रहे हैं?

इस पर चच्चा ने कहा कि—

'मियां फजी भतीजे' दरअसल गफलत कहने में कुछ अजीब नहीं है बल्कि इसके बाद जो कहा जाता है वह दिलचस्प है। कुछ दिनों पहले ही भोपाल नगर निगम में आए इन्हीं अधिकारी के पास जब भी कोई समस्या या मुद्दा लेकर जाता है तो जनाब इंदौर के किस्से सुनाते हुए भोपाल नगर निगम की धोते रहते हैं।'

'इतना ही नहीं इन जनाब से जब भी कोई मिलने जाता है तो उसे दो—चार इंदौरी किस्से मजबूरन सुनना पड़ता है। लेकिन क्या करें जनाब, काम तो आखिर यहीं करना है।'

चच्चा, इन जनाब को इंदौरी​ किस्से क्यों पसंद है?

"मियां फर्जी भतीजे, इन जनाब ने 10 साल से ज्यादा वक्त इंदौर नगर निगम में बिताया है, शायद इसलिए।"

'चलो खैर जाने दो, जो भी है अच्छा है, पर हर अच्छे काम के लिए इंदौरी किस्सों को श्रेय देने से भोपाल के महापौर के काम का श्रेय मारा जाता है। महापौर करें अच्छा काम और श्रेय मिले इंदौरी किस्सों को। वाह भाई वाह।'

इतना कहकर चच्चा आगे बढ़ लिए पर उनकी बातें सुनकर मै भी मंद मंद मुस्कुरा दिया और आगे चल दिया। 

आप भी लें मजे इन इंदौरी किस्सों का। 

"नगर निगम भोपाल में, चला अज़ब सा दौर,
नया अफसर बाँचे यहाँ, सुन किस्से इंदौर,
सुन किस्से इंदौर, हुए मेयर जी गुस्सा,
करते हैं हम काम, गैर ले ले क्यों हिस्सा,
*अनजाना* बेचैन, पके अब कान, बढ़े ग़म,
इंदौरी पहचान, बना अपना नगर निगम।।"

लो कर लो बात

(नोट: चच्चा एक काल्पनिक किरदार है, जिसे कि मैने यानि कि 'फजी भतीजे' ने बनाया है। इसका किसी भी घटना या विभाग से कोई लेना देना नहीं है। इस किरादार के माध्यम से केवल 'गॉसिप' ही की जाती है।)

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