• Monday, September 21, 2020
Breaking News

चीन और भारत क्षेत्रीय शांति और स्थिरता पर काम करें

विविध Jul 18, 2020       136
चीन और भारत क्षेत्रीय शांति और स्थिरता पर काम करें

द करंट स्टोरी। चीनी और दक्षिण एशियाई गैर-सरकारी मैत्री संघ के नेताओं ने चीन-भारत संबंध पर चर्चा की। उन्होंने आशा जताई कि दोनों देश क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए एक होकर सहयोग को मजबूत करेंगे, चीन-दक्षिण एशियाई साझे हित की स्थापना करेंगे।

भारत-चीन मैत्री संघ की महाराष्ट्र शाखा के अध्यक्ष जॉर्ज फर्नांडीस ने कहा कि चीन और दक्षिण एशिया अच्छे मित्र और अच्छे पड़ोसी हैं। दोनों पक्षों के बीच आर्थिक और सांस्कृतिक संबंध हजारों वर्ष से जारी है। भारत-चीन मैत्री संघ को हमेशा से विश्वास है कि चीन और दक्षिण एशियाई देशों के बीच अच्छे पड़ोसी मित्रवत संबंध कायम रखना आपसी समृद्धि, सहयोग, विकास और शांति के लिए हितकारी सिद्ध है।

उन्होंने कहा, "इस वर्ष चीन और भारत के बीच कूटनीतिक संबंध की स्थापना की 70वीं वर्षगांठ है। गत शताब्दी के 50 के दशक की शुरुआत में भारत नए चीन को सबसे पहले मान्यता देने वाले देशों में से एक था।"

भारत में स्थित चीनी राजदूत सुन वेइतुंग ने हाल ही में चीन भारत संबंधों पर कहा कि चीन और भारत को सीमा मुद्दे पर विशेष प्रतिनिधियों की वार्ता की समानताओं को अच्छी तरह लागू करना, मित्रता और सहयोग पर ध्यान देते हुए आशंकाओं को दूर कर मतभेद और संवेदनशील मुद्दों का उचित निपटारा करना चाहिए ताकि वर्तमान में चीन भारत संबंध के समक्ष मौजूद चुनौती का समाधान कर द्विपक्षीय संबंधों का फिर स्वस्थ व स्थिर सही रास्ते पर लौटने को बढ़ाया जाए।"

चीनी जन विदेशी मैत्री संघ के अध्यक्ष लिन सोंगथ्येन ने चाइना मीडिया ग्रुप की संवाददाता को दिए एक इन्टरव्यू में कहा कि चीन और भारत दोनों प्राचीन सभ्यता वाले बड़े देश हैं। दोनों देशों के बीच मैत्री का इतिहास बहुत पुराना है। खासकर बौद्ध धर्म भारत से चीन आया है। दोनों पक्षों के पास समान भाषा मौजूद है। चीन और भारत एशिया में अस्तित्व रहते हैं, जो एशिया में सबसे बड़े, सबसे महत्वपूर्ण दो देश हैं। इन दोनों देशों के बीच व्यापक समान हित मौजूद है। इस तरह दोनों देशों की शांति अत्यंत महत्वपूर्ण है। लिन सोंगथ्येन ने कहा कि चीन और भारत को अपने क्षेत्र और अपने देश की जनता की शांति व समृद्धि का ख्याल रखना चाहिए, समान रूप से क्षेत्रीय शांति व स्थिरता की रक्षा करनी चाहिए। यह बहुत महत्वपूर्ण बात है।

लिन सोंगथ्येन ने कहा कि एशिया में सबसे महत्वपूर्ण दो देशों के रूप में चीन और भारत क्षेत्रीय शांति और स्थिरता को बनाए रखने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। दोनों पक्षों को विवादों और संघर्षों पर समय बर्बाद नहीं करना चाहिए। समानता के साथ सलाह मशविरे की जरूरत है, ताकि सवाल के समाधान के लिए उचित तरीका प्राप्त किया जा सके। चीन और भारत को सद्भाव के साथ सह-अस्तित्व अपनाना चाहिए। दोनों देशों की जनता का सुनहरा और सुखमय जीवन बिताना चीनी जनता, भारतीय जनता, चीन सरकार और भारत सरकार का समान उद्देश्य है।

Related News

वैश्विक स्तर पर कोविड-19 के मामले 3.06 करोड़ से अधिक

Sep 20, 2020

द करंट स्टोरी। वैश्विक स्तर पर कोरोनावायरस मामलों की कुल संख्या 3.06 करोड़ का आंकड़ा पार कर चुकी है, जबकि इससे होने वाली मौतों की संख्या बढ़कर 955,000 से अधिक हो गई हैं। यह जानकारी जॉन्स हॉपकिन्स विश्वविद्यालय ने रविवार को दी। विश्वविद्यालय के सेंटर फॉर सिस्टम साइंस एंड इंजीनियरिंग (सीएसएसई) ने अपने नवीनतम अपडेट में खुलासा किया कि रविवार की सुबह तक, कुल मामलों की संख्या 30,674,077 हो गई और इससे हुई मौतों की...

Comment