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'फानी' का फन कुचलने में कामयाब रहा मौसम विभाग, ऐसे बचाई सैकड़ों जिंदगी

विविध May 04, 2019       38
'फानी' का फन कुचलने में कामयाब रहा मौसम विभाग, ऐसे बचाई सैकड़ों जिंदगी

द करंट स्टोरी।ओडिशा में 1999 में आए इसी तरह के सुपर साइक्लोन में करीब 10,000 लोगों की जानें गई थीं

चक्रवातीय तूफान फानी ने शुक्रवार को ओडिशा के तटीय इलाकों को प्रभावित किया. इस दौरान यहां 245 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज़ हवाएं भी चलीं. इससे 10 लोगों की मौत की खबर है, लेकिन इतना खतरनाक तूफान होने के बावजूद किसी बड़ी दुर्घटना को रोक पाने को भारतीय मौसम विभाग और सरकारी एजेंसियों की कामयाबी के तौर पर देखा जा रहा है. ऐसे में भारतीय मौसम विभाग की मुस्तैदी और बचाव कार्यों के लिए लगी टीमों के तटीय इलाकों से लाखों लोगों को निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की सराहना हो रही है.

इसके अलावा इस तूफान की भयावहता के कम करने के लिए जिस चीज की तारीफ की जा रही है, वह है राज्य और केंद्र का आपसी सहयोग और इन सबसे ऊपर NDRF की टीमों की मुस्तैदी.

160 लोग पुरी के अस्पतालों में भर्ती
'फानी' ने पुरी के कच्चे मकानों को बहुत नुकसान पहुंचाया है, जिसके बाद पुरी में 160 लोगों को अस्पतालों में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है. यहां के एसपी और डीएम आवास भी तूफान के चलते बुरी तरह से प्रभावित हुए हैं और शहर की बिजली आपूर्ति पूरी तरह से ठप्प हो गई है.

ऐसे बचाई जा सकी सैकड़ों लोगों की जान
तूफान की त्रासदी को कम करने में भारतीय मौसम विभाग (IMD) के नए क्षेत्रीय हरीकेन मॉडल ने बहुत मदद की. इससे यह भी साफ हुआ की 1999 के मुकाबले ऐसे सुपर साइक्लोन को ट्रैक करने और उसके बारे में सटीक जानकारी जुटाने में IMD की क्षमता में बहुत सुधार आया है, क्योंकि ओडिशा में 1999 में आए इसी तरह के सुपर साइक्लोन में करीब 10,000 लोगों की मौत हो गई थी.

वहीं अक्टूबर, 2013 में आए 'पाइलिन' और अक्टूबर, 2014 में आए 'हुदहुद' चक्रवातीय तूफानों से सफलतापूर्वक निपटने में भी केंद्रीय एजेंसियां और राज्य सरकार सफल रही थीं. इसके बाद इन्होंने बड़े स्तर पर लोगों को प्रभावित क्षेत्रों से निकालने की रणनीति अपनाई है. इस दौरान समुद्र तटीय क्षेत्रों में बार-बार दी गई चेतावनी और इसके लिए बनाई गई मूलभूत जरूरतों (जैसे तूफान से बचने के लिए बनाए गए बंकर आदि) के चलते तूफान से होने वाली मौतों को कम करने में सफलता मिली.

NDRF ने लगा रखी थीं अबतक की सबसे ज्यादा टीमें
ओडिशा की क्षेत्रीय आपदा नियंत्रण संस्थाएं और NDRF तूफान के जमीन से टकराने के वक्त बिल्कुल तैयार थीं. बल्कि NDRF ने अब तक की अपनी सबसे ज्यादा टीमें इस काम के लिए तैनात कर रखी थीं. NDRF ने अपनी कुल 65 टीमें लगाई थीं. NDRF की एक टीम में 45 सुरक्षाकर्मी होते हैं. इनमें से 38 टीमें सिर्फ ओडिशा में थीं.

इसके अलावा पिछले तीन दिनों में ओडिशा, आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल में पहले से ही 11.5 लाख लोगों को तटीय क्षेत्रों से निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया गया था.

सड़कें साफ करने और खाने का सामना पहुंचाने के लिए थीं अलग टीमें
इसके साथ ही अतिरिक्त टीमें सड़कों को साफ करने (तूफान से गिरे पेड़ आदि हटाने), कानून और व्यवस्था स्थापित करने का काम कर रही थीं. कुछ टीमें सूखे खाने के साथ भी तैयार थीं. अब भारतीय मौसम विभाग का कहना है कि फानी के पश्चिम बंगाल के गंगा के क्षेत्रों की ओर मुड़ चुका है. जहां पर शनिवार की सुबर 90 से 100 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की आशंका है.
 

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