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भोपाल नगर निगम के शौचालय में गंदगी के चलते महिला कर्मी ने दिया इस्तीफा, फिर भी देश मे नं 2

चच्चा की बातें May 13, 2017       5841
भोपाल नगर निगम के शौचालय में गंदगी के चलते महिला कर्मी ने दिया इस्तीफा, फिर भी देश मे नं 2

लो कर लो बात

भोपाल को देश का दूसरा सबसे स्वच्छ शहर का खिताब मिलने के बाद, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री सहित नेता व आमजन, इसकी खुशियां मना रहे हैं। भोपाल नगर निगम तो अपनी पीठ थपथपाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा है। लेकिन इन सबके बीच 'दिया तले अंधेरा' की कहावत भी चरितार्थ होती दिख रही है। 

हुआ यूं कि गुरुवार को मैं भोपाल के माता मंदिर चौराहे के पास स्थित नगर निगम मुख्यालय पहुंचा। गर्मी ज्यादा थी, तो कार्यालय के नीचे ​एक दुकान पर ठंडा पीने लगा। इसी दौरान पास में 'चच्चा' भी ठंडी लस्सी का लुत्फ लेते दिख गए। मैनें 'चच्चा' को सलाम किया और नंबर 2 आने की बधाई दी। 

बधाई सुनते ही जैसे 'चच्चा' को करंट सा लग गया हो, वह एकदम खड़े हुए और मुझे पास ही बने शौचालय की ओर ले गए। मुझे कुछ समझ नहीं आया कि आखिर हुआ क्या? 

'चच्चा' ने शौचालय दिखाते हुए कहा कि देख 'फर्जी भतीजे', इसे कहते हैं 'दिया तले अंधेरा'। एक ओर जहां सभी भोपाल को देश में नंबर 2 आने पर बधाई दे रहे हैं, तो वहीं दूसरी ओर भोपाल नगर निगम के शौचालय की गंदगी से परेशान एक महीला कर्मी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया।

बात चौंकाने वाली थी, इसलिए 'चच्चा 'से गुजारिश की मामले पर थोड़ा प्र​काश डालें।

'चच्चा' ने आगे जो कहा वह तो वाकई गजब था। उन्होंने कहा कि:

मियां 'फर्जी भतीजे', स्वच्छता अभियान के तहत राज्य सरकार ने एक निजी कंपनी को प्रचार प्रसार के लिए अनुबंधित किया है। इसी में काम करने वाली एक महिला कर्मी ने यह कहते हुए इस्तीफा दे दिया कि भोपाल नगर निगम के शौचालय में गंदगी है और यहां सांस लेना भी दूभर है। 

हैरानी की बात तो यह है 'फर्जी भतीजे' ​कि ऐसा तब हुआ जब भोपाल नगर निगम की मुखिया स्वयं एक 'महिला अधिकारी' हैं।

'चच्चा' की बात सुनकर कानों को यकीन नहीं हुआ। लेकिन यदि ऐसा हुआ है तो वाकई भोपाल नगर निगम के लिए शर्मनाक बात है। 

खैर हमें क्या, मिठाई खाओ और मामले को दबाओ। मेरा प्रण भोपाल नंबर 1

"स्वच्छता जाँच में बना, नम्बर दो भोपाल,
थूक गन्दगी से सजे, दीवारों के गाल,
दीवारों के गाल, दिया तले अंधियारा,
निगम शौचालय देख, नार छोड़े गलियारा,
'अनजाना' की राय, काम में लाओ शुचिता,
आसपास हो साफ़, शहर में दिखे स्वच्छता।।"

लो कर लो बात

(नोट: 'चच्चा' एक काल्पनिक किरादार हैं एवं इसका किसी भी व्यक्ति या संस्था से कोई लेना देना नहीं है। 'लो कर लो बात' एक गॉसिप कॉलम है एवं विभागों में चल रहीं खुसर फुसर पर आधारित है।)

चच्चा की और भी बातें:

- भोपाल नगर निगम में क्यों गूंज रहे इंदौरी किस्से?

- रेलवे के मोबालिटी डायरेक्टरेट में साहब का कमाल, 11 के विकट चटकाए

- जब फटे तौलिए से हुआ रेलवे सीआरएस का स्वागत

 

 

 

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